From Dead Phone Company to $33 Billion Giant! जब iPhone खरीदते हो, पैसा Nokia तक क्यों पहुँचता है

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Nokia Comeback Story

Image Credit- ChatGPT

Nokia मरी नहीं, Nokia ने गेम बदल दिया

जिसकी रिंगटोन हमारे बचपन का साउंड ट्रैक जिसका स्नेक गेम सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट था और फोन गिरता तो जमीन को चोट लगती वो Nokia खत्म हो गई। फिनिश iPhone ने मार दिया। Samsung ने क्रश कर दिया। यही सुना है ना तुमने? गलत। Nokia कभी फेल हुई नहीं। इनफैक्ट जब तुम iPhone खरीदते हो ना पैसा Nokia को जाता है। आज Nokia का रेवेन्यू 19 बिलियन यूरोस है। लास्ट 10 इयर्स में 60% ग्रोथ एंड Nokia ने मून पर 4G नेटवर्क शुरू किया। सरप्राइज फोन छोड़ दिया। चांद पे पहुंच गई। और अब दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनी एनवीडिया को Nokia की जरूरत पड़ गई। कितनी जरूरत? डॉलर $1 बिलियन दे दिया। सेकंड लार्जेस्ट शेयर होल्डर बन गई। और सबसे वाइल्ड पार्ट Nokia ने Microsoft को डूबता हुआ जहाज चिपका दिया।

फोन छोड़ दिया, चांद पर 4G पहुँचा: Nokia का शॉकिंग ट्रांसफॉर्मेशन

दोस्तों Nokia कोई कंपनी नहीं यह एक सर्वाइवल मशीन है जो 160 साल हजारों क्राइसिस और फिर भी खड़ा है। इसी तरह 2014 में Nokia ने अपना फोन बिनेस Microsoft को बेच दिया। कितने में? 7.2 बिलियन में। सोचो अपना हार्डकोर बिनेस जिसके बगैर तुम्हारा कोई अस्तित्व नहीं उसे रातोंरात बेच दिया। रेवेन्यू का मेजर सोर्स खत्म। लेकिन 3 साल बाद Microsoft को वही Nokia फोन बिज़नेस बेचना पड़ा। कितने में? सिर्फ $350 मिलियन में 3 साल 95% लॉस। डीड यू रियलाइज यह केस स्टडी फेलियर की नहीं है। कॉर्पोरेट हिस्ट्री के स्मार्टेस्ट एग्जिट की है।

चलो एक सवाल का जवाब दो। आज सुबह से आपने कितनी बार Nokia यूज़ किया? जीरो बिल्कुल गलत। चांसेस आर Nokia डेली यूज करते हो और तुम्हें पता भी नहीं। देखो सुबह उठते ही फोन चेक किया था। WhatsApp मैसेजेस देखे, Instagram स्क्रोल किया, इन सबके लिए सिग्नल आपके फोन से निकला। मोबाइल टावर तक गया। फिर टॉवर तो सिर्फ एक एंटीना है, एक डब्बा उसके अंदर है एक ब्रेन जो एक्चुअली सब काम करता है। सिग्नल रिसीव करता है, प्रोसेस करता है, आगे बेचता है। वो ब्रांड यानी बेस्ट बैंड यूनिट्स एंड रेडियो कौन बनाता है? Nokia

दुनिया की सेकंड लार्जेस्ट मोबाइल नेटवर्किंग इक्विपमेंट कंपनी। इंडिया में किसके टावर्स हैं? Airtel के, Jio के, VI के। लेकिन इनके अंदर Nokia का इक्विपमेंट लगा है। सो मोबाइल नेटवर्क Nokia के चार मेजर बिज़नेस में से एक है। और इससे रेवेन्यू कितना आता है? लगभग 7.7 बिलियन यूरोस। नाउ द सेकंड मोस्ट रेवेन्यू जनरेटिंग बिज़नेस इज़ नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर। Netflix के हाई क्वालिटी कंटेंट कहां स्टोर्ड है? Google सर्च रिजल्ट्स और चैट जीपीटी के आंसर्स कहां से आते हैं? जॉइंट बिल्डिंग्स यानी डेटा सेंटर से। और इन बिल्डिंग्स में लैक्स ऑफ सर्वर्स है जो एक दूसरे से बात करते हैं। उनके बीच के कम्युनिकेशन रोड बनाता है राउटर्स, स्विचेस एंड ऑप्टिकल केबल से। और ये कौन बनाता है? Nokia जिससे 6.52 बिलियन यूरोस की कमाई होती है। Microsoft Azure Nokia का कस्टमर, Google क्लाउड, Nokia का कस्टमर, Amazon वेब सर्विस हां, Nokia का कस्टमर। Nokia कंट्रोल्स 20% ऑफ ग्लोबल मार्केट शेयर ऑफ दिस इंडस्ट्री। नाउ द थर्ड बिज़नेस इज़ क्लाउड एंड नेटवर्क सर्विसेस। देखो अब तक हमने सिर्फ हार्डवेयर की बात की बट सेम मोबाइल टावर सेम डाटा सेंटर्स को एफिशिएंटली ऑपरेट करने के लिए सॉफ्टवेयर की भी जरूरत पड़ती है और वो भी Nokia प्रोवाइड करती है जिससे 3.8 बिलियन यूरोस का रेवेन्यू होता है। एंड इनका फोर्थ बिज़नेस Real Estating है। Nokia टेक्नोलॉजीस जो सिर्फ अपने इन्वेंशंस के पैटर्न भाड़े पर देकर इयरली 1.1 बिलियन यूरोस बैठे-बैठे कमाती है। सो टोटल रेवेन्यू ऑफ़ फाइनेंसियल ईयर 2024 इज़ 19-22 बिलियन पर यह ट्रांफर्मेशन एक दिन में नहीं हुआ। 2013 में Nokia सच में मर रही थी। तब उन्होंने ऐसे खतरनाक दांव लगाए जो बिजनेस हिस्ट्री में हमेशा रेफर किए जाएंगे।

इतिहास का सबसे स्मार्ट एग्ज़िट: Microsoft डील का असली सच

जनवरी 2013 Nokia का एस्पो हेड क्वार्टर्स फिनलैंड अर्ली मॉर्निंग एक कॉन्फ्रेंस रूम में 15 बोर्ड मेंबर्स बैठे हैं। चेयरमैन रिस्टो सलास्मा अंदर आया उसने स्क्रीन पे एक नंबर दिखाया 1.7 बिलियन। लास्ट क्वार्टर का लॉस रूम में कंप्लीट साइलेंस सिलेस्मा ने बोला जेंटलमैन एट दिस रेट हम 18 महीनों में बैंकरप्ट हो जाएंगे। स्टॉक प्राइसेस 96% क्रश हर महीने हजारों एंप्लाइजस को निकाल रहे हैं। कंपनी ऑलमोस्ट बैंकरप्ट उस दिन उस रूम में जो डिसीजन लिए गए वो कॉर्पोरेट हिस्ट्री के सबसे कंट्रोवर्शियल मूव्स बन गए। अब नॉर्मल कंपनी होती तो क्या करती? कॉस्ट कटिंग, थोड़ा-थोड़ा पीवॉर्ट, स्लोली-स्लोली चेंज। Nokia ने क्या किया? बिल्कुल अपोजिट उन्होंने पहली बेट लगाई इतनी रिस्की कि सुनके लगेगा पागलपन है। पहला बेड बिजनेस सेल ऑफ लेकिन डील का स्ट्रक्चर देखो Microsoft को क्या बेचा? मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स, 25,000 एम्प्लाइज Nokia का लमिया ब्रांड। Nokia ने क्या नहीं बेचा? सबसे पहला 30000 पेटेंट्स। ये कोई नॉर्मल पेटेंट्स नहीं थे। 2G, 3G, 4G की फंडामेंटल टेक्नोलॉजीस।

30,000 पेटेंट्स: Nokia की असली सोने की खान

मोबाइल दुनिया के सबसे इंपॉर्टेंट टूल्स Microsoft को सिर्फ 10 साल के लिए नॉन एक्सक्लूसिव लाइसेंस पे दिए। बेचे नहीं। दूसरा Nokia ब्रांड ने। Microsoft को सिर्फ यूज़ करने दिया। लाइसेंस पर परमानेंटली नहीं बेचा। तीसरा नेटवर्क इक्विपमेंट बिज़नेस। वो पूरी कंपनी जो टावर्स के अंदर के इक्विपमेंट बेचती थी वो भी नहीं बेचा। यानी बेचा गया फोन बिज़नेस जो ऑलरेडी डूब रहा था। अब समझो जीनियस क्या था? अब जो 30,000 पेटेंट नहीं बेचे उनसे Nokia कैसे कमाती है? सिंपल, दुनिया में कोई भी कंपनी फोन बनाए Samsung, Apple, Xiaomi, Oppo, Vivo कोई भी उन्हें Nokia को रॉयल्टी देनी पड़ती है। क्योंकि बेसिक सेल्यूलर टेक्नोलॉजी के पेटेंट Nokia के पास है। Nokia फोन नहीं बेचती। Nokia परमिशन बेचती है फोन बनाने की। और यह कितने पैसे? 1.1 बिलियन पर ईयर। प्लस Microsoft को डेड बिज़नेस बेच के कितना कमाया? 5.5 बिलियन यूरोस। लेकिन नेक्स्ट पेटेंट यह सुनके तो इंडस्ट्री को हार्ट अटैक आगया।

फिर आया सबसे पागल फैसला: Alcatel-Lucent Buy On

अप्रैल 2015, Nokia ने एक अनाउंसमेंट की जो सुनके पूरी इंडस्ट्री शॉक थी। हम Alcatel खरीद रहे हैं 15.6 बिलियन यूरोस में। बिज़नेस कितने में बेचा था? 5.4 बिलियन यूरोस में। और उससे तीन गुना पैसे लगाकर दूसरी कंपनी खरीद रहे हैं। सबने बोला Nokia ने अपनी कवर की आखिरी किल ठोक दी। स्ट्रगलिंग कंपनी ने जरूरत से ज्यादा पैसे लगा दिए। एनालिस्ट ने बोला Nokia पागल हो गई है। और होनेस्टली उनकी बात सही भी लग रही थी। पर रुको Nokia को अल्कल लुसेंट के साथ क्या मिला? पहली चीज बेल लैब्स। ये नाम शायद आपने नहीं सुना होगा। पर टेक हिस्ट्री की सबसे लेजेंड्री लैब है। ये क्या इन्वेंट किया इन्होंने? ट्रांजिस्टर हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का फाउंडेशन यूनिक्स जो एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। Android, Mac सर्वर सब इस पे बेस्ड है। लेजर टेक्नोलॉजी सेल्यूलर कम्युनिकेशन खुद 11 नोबल प्राइिस। ये एक सिंगल लैब्स है। कैन यू इमेजिन?

उड़ते प्लेन का इंजन बदलना: Nokia स्टाइल ट्रांसफॉर्मेशन

दूसरी चीज आईपी और ऑप्टिकल नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी। ये वही टेक्नोलॉजी है जो डेटा सेंटर्स में काम आती है। Google के सर्वर्स आपस में बात करते हैं Nokia की टेक्नोलॉजी से। Microsoft Azure चलता है Nokia के केबल्स और राउटर से। 2025 में Nokia डेटा सेंटर नेटवर्किंग में मेजर प्लेयर है। बेल लैब्स का पेटेंट नए प्रोडक्ट्स में कन्वर्ट हो रहे हैं। तो बताओ पागलपन था या विज़न जो 10 साल पहले ही देख लिया। पर तीसरी बैट ये सुन के तुम बोलोगे ये तो सुसाइड है। 99% एम्प्लाइजस को निकाल दिया। देखो हर सीईओ का सबसे बड़ा डर क्या होता है? पुराने एक्सपीरियंस एम्प्लाइजस का जाना। क्योंकि पुराने एम्प्लाइज मतलब कंपनी की मेमोरी उन्हें निकालो तो कंपनी अपना पास्ट भूल जाती है। Nokia ने क्या किया? 99% एम्प्लाइज रिप्लेस कर दिए। सोचना 100 में से 99 लोग नए। सिर्फ एम्प्लाइजस ही नहीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 80% बदल दिए। एग्जीक्यूटिव टीम एक इंसान छोड़ के सारे नए। दिस इज एग्जजेक्टली लाइक चेयरमैन सिलास्मा ने उड़ते हुए प्लेन के इंज निकाले। कैबिन बदला, विंग्स चेंज किए और नई प्लेन बनाई। वह भी मिड एयर। पर इतना एक्सट्रीम क्यों? सिंपल पुरानी Nokia का कल्चर ही उनकी प्रॉब्लम बन गई थी। लोगों के डीएनए में सक्सेस की टॉक्सिसिटी फैल गई। उन्हें लगने लगा हम Nokia है। हम फेल नहीं हो सकते वाला एरोगेंस था जो उन्हें बर्बाद कर रहा था। तो पुराना डीएनए निकालना जरूरी था। पेनफुल? हां नेसेसरी? अब्सोलुटली। तीन बैट्स, तीनों इंपॉसिबल डिसीजन दुनिया बोली, Nokia ने सुसाइड कर लिया। पर 2025 में कुछ ऐसा हुआ जो किसी ने एक्सपेक्ट नहीं किया था।

Nvidia × Nokia: AI युग की सबसे बड़ी पार्टनरशिप         

28 अक्टूबर 2025 वाशिंगटन डीसी एमवीडिया का जीटीसी कॉन्फ्रेंस चल रहा था। स्टेज पे आया जसेन वांग दुनिया की सबसे Powerful कंपनी का सीईओ ब्लैक लेदर जैकेट सिग्नेचर स्टाइल और उसने एक नाम लिया जो किसी को एक्सपेक्टेड नहीं था। Nokia वर्क विथ अस टू इंटीग्रेट आवर टेक्नोलॉजी। वी आर इन्वेस्टिंग $1 बिलियन इन Nokia। Nokia का स्टॉक एक दिन में 20% ऊपर हाईएस्ट प्राइसेस सिंस 2016 पर सवाल यह है क्यों एनवीडिया जैसी AI जॉइंट को Nokia से क्या चाहिए? आंसर है AI रेन। समझो सिंपल भाषा में। अभी मोबाइल टावर्स के पास ब्रेन तो है बट इंटेलिजेंस नहीं। मतलब बस सिग्नल भेजता है, रिसीव करता है। कोई स्मार्टनेस नहीं। क्रिकेट मैच हो या रात के 3:00 बजे टावर सेम तरीके से काम करती है। डिमांड ज्यादा हो या कम टावर को पता नहीं।

कॉल ड्रॉप खत्म, बिजली बिल कम: स्मार्ट नेटवर्क का भविष्य

अब सोचो अगर टावर स्मार्ट हो जाए AI पावर से तो क्या होगा? इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच चल रही है। टावर ऑटोमेटिकली समझ जाएगा। आज इस एरिया में डाटा डिमांड 10x होगी। सिग्नल स्ट्रेंथ खुद एडजस्ट करे। नेटवर्क क्रैश ना होगा। रात के 3:00 बजे जब कोई यूज़ नहीं कर रहा है। टावर पावर कंसमशन 40% कम कर देगा। जिससे इलेक्ट्रिसिटी बिल गिर जाएगा। टेलीकॉम कंपनीज़ का और यूजर लोकेशन देख के ऑटोमेटिकली बेस्ट सिग्नल रूट करेगा। कॉल ड्रॉप ना हो, बफरिंग ना हो, यही है ए रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड रेडियो एक्सेस नेटवर्क। हर मोबाइल टावर को इंटेलिजेंट बनाना। अब कनेक्ट करो डॉट्स। एनवीडिया के पास क्या है? दुनिया के बेस्ट एi चिप्स। एi कंप्यूटिंग में उनका कोई कंपटीशन नहीं है। उनके पास तीन ऑप्शन थे। Huawei, Ericsson और Nokia।

Huawei आउट, Ericsson लिमिटेड – Nokia परफेक्ट चॉइस क्यों?

Huawei दुनिया की बिगेस्ट नेटवर्किंग इंफ्रा कंपनी है। बट उन पर बैन है यूरोपियन और वेस्टर्न कंट्रीज में। एरिक्सन के पास लिमिटेड ऑप्टिकल स्टेक है। Nokia के पास क्या है? मोबाइल टावर इक्विपमेंट। टेलीकॉम कंपनीज़ के साथ डिकेड्स पुराने रिलेशनशिप्स। यूएस गवर्नमेंट का सपोर्ट प्लस बैल लैब्स है। दोनों को एक दूसरे की जरूरत है। एनडिया अकेले टॉवर्स नहीं बना सकती। Nokia अकेले AI चिप्स नहीं बना सकती। अब नंबर सुनो ध्यान से। एआई रेंट मार्केट 2030 तक कितना होगा? 200 बिलियन अगर Nokia इस मार्केट का सिर्फ 20% भी कैप्चर करे जो रियलिस्टिक है गिवन एनवीडिया पार्टनरशिप तो कितना बिनेस होगा? 40 बिलियन। मतलब Nokia का करंट टोटल रेवेन्यू है 19 बिलियन। एआई रेंज से अकेले 40 बिलियन आ सकते हैं। करंट रेवेन्यू का डबल, एक सिंगल टेक्नोलॉजी से। इसलिए एनवीडिया ने 8500 करोड़ लगाए। यह चैरिटी नहीं है। बैट है।

टॉयलेट पेपर से चांद तक: Nokia की सबसे बड़ी सीख

दुनिया के सबसे स्मार्ट इन्वेस्टर्स की बैट। तो सोचो एक बार। 160 साल सेवन इंडस्ट्रीज, सेवन ट्रांसफॉर्मेशंस सात बार सब बोले Nokia खत्म। लेकिन सात बार सबको गलत साबित किया। जो कंपनी मर गई थी वो तुम्हारे हाथ में है। चांद पे है और कुछ सालों में AI पावर नेटवर्क्स में होगी। हम एक नई स्किल सीख नहीं पाते। एक नई हसल स्टार्ट करने में डर लगता है। और Nokia टॉयलेट पेपर से चांद तक पहुंच गए। सोच के बताओ अगर तुम्हारे कोर प्रोडक्ट डूब रहे हो क्या तुम Nokia की तरह उसे बेचकर नया फ्यूचर बनाने की हिम्मत रखते हो कमेंट्स में बताओ Nokia की कौन सी बेड सबसे क्रेजी लगी फोन बिनेस सेल ऑफ एलकाटे लुसेंट परचेस या 99% वर्क फ्रॉस चेंज और सच बताओ तुम्हारा पहला Nokia फोन कौन सा था?

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