Inside the ₹4500 Crore BlackRock Scam: पूरी कहानी डिटेल में पढ़े

0
Black Rock 4500Cr Scam Story

Black Rock Scam Story-Bankim Brahmbhatt

आप शायद विश्वास नहीं करेंगे लेकिन इंडिया बदल चुका है। पहले जो इंडियन स्कैमर्स थे वो डोमेस्टिक स्कैम्स करते थे। लेकिन आज यह इंटरनेशनल जा चुके हैं। पहले ये लोग क्या करते थे कि जो छोटे-मोटे लोग हैं उन्हें ठगा करते थे। जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है उन्हें ठगा करते थे। लेकिन आज ये बड़ी-बड़ी कंपनीज़ को ठगने लगे हैं। जैसे कि ब्लैक रॉप को।

From Local Frauds to Global Scams – भारत के स्कैमर्स की नई उड़ान

पहले जो स्कैमर्स थे हमारे देश में उनकी सोच बड़ी लिमिटेड थी। वो क्या करते थे? जिन लोगों को फाइनेंसियल नॉलेज नहीं है उनको बड़े-बड़े रिटर्न्स का वादा करो। उनके साथ स्कैम करो। इस तरह की चीजें करते थे। जैसे विशाल फुकान ने आसाम में किया, टोरिस्ट डायमंड ने मुंबई में किया और कई सारे और फ्रॉडस्टर्स ने अलग-अलग सिटीज में किया। पर अब हम एक स्टेप नहीं बल्कि दो स्टेप आगे जा चुके हैं। क्योंकि आज जो स्कैम हुआ है वो एक इंडियन ने किया है और उसमें भी यह स्कैम कॉमन अमेरिकनंस के साथ नहीं हुआ है। यह स्कैम हुआ है दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी Black Rock के साथ और इतना ही नहीं स्कैम के लपेटे में यूरोप की एक बहुत बड़ी बैंक भी आ चुकी है। उसके बारे में भी आज के इस वीडियो में डिटेल में हम आगे बात करेंगे। अगर दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनी को यहां पर फंसाया है तो स्कैम का साइज भी बड़ा होगा। तो 4500 करोड़ का यह स्कैम है। और जिस तरह से स्कैम को एग्जीक्यूट किया गया है उसकी रिसर्च जब हम कर रहे थे तो मैं भी हैंग हो गया क्योंकि एक इंडियन इतनी बड़ी कंपनी के साथ ये स्कैम कैसे किया यह भी एक चौंकाने वाली बात थी और जनरली क्या होता है कि कोई भी स्कैम बहुत कॉम्प्लेक्स तरीके से किया जाता है। लेकिन यह भाई साहब ने इतनी आसान तरीके से स्कैम को एग्जीक्यूट किया कि आप भी देखते ही रह जाएंगे। तो चलिए फटाफट जानते हैं कौन सा यह स्कैम कौन-कौन इसमें शामिल है और कई सारी ऑडिट कंपनीज़ भी फिलहाल कटघरे में है।

₹4500 Crore Mega Scam – दुनिया हिलाने वाला फ्रॉड

तो देखिए यह जो स्कैम हुआ है यह Black Rockके साथ हुआ है जो 11.5 ट्रिलियन मैनेज करती है। इमेजिन कीजिए बहुत बड़ी अमाउंट है। अब यह क्या है कि इतनी बड़ी कंपनी तो इनकी  ऑफ सब्सिडरीज है। उसमें से एक है एचपीएस जो कि एक प्राइवेट कैपिटल सॉल्यूशन फर्म है जो प्राइवेट कंपनीज़ को लोन देने का काम करती है। और मैं इस सब्सिडरी की बात क्यों कर रहा हूं? क्योंकि इसी एचपीएस के साथ जो Black Rockकी सब्सिडरी है इसके साथ ही यह स्कैम हुआ है। क्विक बैकग्राउंड स्टोरी दे दूं तो इस कंपनी को Black Rockने करीब 12 बिलियन में खरीद लिया। और जिस महाशय ने यह स्कैम किया है उनका नाम है बंकिम ब्राह भट्ट। और इनकी Linkedin प्रोफाइल में लिखा है की, करीब 30 साल का इनका एक्सपीरियंस है टेलीकॉम इंडस्ट्री में। इन्होंने 1989 में इंडिया में अपना करियर शुरू किया। उसके बाद यह चले गए यूएस में। वहां इन्होंने मल्टीपल कंपनीज़ बनाई पर्टिकुलरली टेलीकॉम सेक्टर्स में। उनमें से एक कंपनी जिसका नाम इस स्कैम में बाहर आ रहा है वो है कैरियोक्स कैपिटल। तो यह जो ब्राह भट्ट की जो कंपनी है कैरियोक्स यह क्या करती है? तो टेलीकॉम सेक्टर के छोटी और मिड साइज कंपनीज़ को लोन देने का काम करती है। तो ये जो पूरा स्कैम है इस पर Black Rockका यह कहना है कि भाई साहब हमारे साथ 4500 करोड़ का स्कैम हुआ है और बंकिम ब्राह भट्ट की कंपनी ने यह किया है। इनको पकड़ो जेल में डालो। तो चलो दो चीजें आपको पता चल गई। बंकिम ब्राह भट्ट की कंपनी है Carriox Capitalऔर Black Rock की एक सब्सिडरी है HPS।

पूरी कहानी विस्तार में बताते है

अभी जो कैरियक्स कैपिटल है यह एचपीएस के पास जाती है और बोलती है कि हमें भाई लोन चाहिए $385 मिलियन का। अब यह देखिए एचपीएस का काम तो लोन देना ही है कंपनीज़ को लेकिन लोन ऐसे तो नहीं देंगे। उसके लिए कुछ आप एसेट्स मांगोगे कि भाई कुछ तो गिरवी रखो। तो वहां पर कैरियोक्स ने बोला कि आप हमें ट्रेड रिसीवबल के अगेंस्ट में लोन दे दो। इस चीज को फाइनेंस की लैंग्वेज में बोलते हैं ट्रेड रिसीवबल बैक्ड डेट फाइनेंसिंग। यह इनवॉइस डिस्काउंटिंग की तरह एक कांसेप्ट है। कैसे वर्क होता है?

Fake Documentation Scam – कागज़ों में चल रही थी फर्जी दुनिया

एक एग्जांपल के साथ आपको बताता हूं कि मान लेते हैं कि एक व्यक्ति है विजय नाम का। विजय क्या करते हैं कि इंडिगो, Air India, Akasa Airline इन जैसी कंपनीज़ को Ready to eat Noodles सप्लाई करते हैं। तो विजय को अपना बिजनेस एक्सपैंड करना है तो उसके लिए 5 करोड़ का उनको लोन चाहिए। इसलिए वो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास जाते हैं। तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कहती है भाई लोन चाहिए तो कुछ गिरवी रखो। तो विजय कहते हैं ठीक है रख देते हैं। तो विजय की कंपनी को इना नूडल्स से 2 करोड़ आना बाकी होता है। मीना कंपनी से 4 करोड़ आना बाकी होता है और डीका नूडल्स से 6 करोड़ आना बाकी होता है। 6 और 10 और 12 करोड़ इनको अलग-अलग कंपनी से आने बाकी है। जिनको ऑलरेडी इन्होंने सर्विज प्रोवाइड कर दी है। तो एसबीआई कहता है भाई इसका प्रूफ क्या है कि पैसा आना बाकी है। तो विजय कहती है कि भाई मेरे पास इनवॉइसेस है। तो एसबीआई क्या करती है? अपने ऑडिटर्स को बोलती है भाई ये इनवॉइसेस चेक करो। ऑडिटर्स बोलते हैं हां इनवॉइससेस सही है। सही में पैसा आना बाकी है। तो उस 12 करोड़ के अगेंस्ट में फिर एसबीआई को 6 करोड़ का लोन पास कर दी है। सो दिस इज समथिंग लाइक ट्रेड रिसीवेबल बैड डेट फाइनेंसिंग। अब बंकिम ब्राह भट्ट ने जो खेल खेला ना वो ऐसा खेला कि उसमें एचपीएस भी उसके जाले में फंस गई। अब देखिए जितने भी स्कैम्स होते हैं उसमें एक कॉमन चीज होती है कि पहले जो स्कैमर है वो आपका विश्वास जीत लेता है। विश्वास जीतने के बाद उस विश्वास का फायदा उठाया जाता है। आप किसी छोटी सी छोटी पोंजे स्कीम से लेकर बड़े से बड़े स्कैम तक देखो।

जनरल मॉडर्स ऑपरेंट यही है। तो यहां पर बंकिम ब्राह्मण भी उसी तरह की चाल खेलते थे। पहले यह बताते थे लोगों को कि देखिए मैं गुजरात के छोटे से शहर से आया हूं। काफी मेहनत करके यूएस पहुंचा हूं और इतना बड़ा कांगो मरेट मैंने अपना खड़ा किया है। काफी न्यूज़पेपर्स को उन्होंने इंटरव्यू दिए जिससे उनकी मार्केट में अच्छी खासी छवि बिल्ड हुई। जैसे न्यूज़ आर्टिकल देखिए। वो कह रहे हैं कि वह बचपन में ब्रोकन रेडियो ठीक करते थे और वह धीरूभाई अंबानी से काफी ज्यादा इंस्पायर्ड थे। यह आर्टिकल आगे यह भी कहता है कि इनकी मां ने उन्हें बहुत अच्छी चीज सिखाई थी कि बड़ा बनना है तो सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनो। आपकी आंखों में आंसू आ जाए। इस तरह की स्टोरीज ये लोग बनाते हैं ताकि आप थोड़ा इमोशनली डगमगा जाए। तो इस तरह का एक पर्सोना इन्होंने मार्केट में क्रिएट किया था ताकि जब मौका मिले तो इसका फायदा उठाया जाए, स्कैम किया जाए। तो यहां पर कैरियक्स कैपिटल ने एचपीएस को क्या किया? $385 मिलियन का लोन मांगा और गिरवी क्या रखा? तो इन्होंने बोला कि हमने कई सारी टेलीकॉम कंपनीज़ को ऑलरेडी लोन दिया है। बड़ी-बड़ी कंपनीज़ इसमें हैं। आप चाहे तो इनवॉइस चेक कर लो आपके ऑडिटिंग फर्म से और जब वो हां बोलेंगे भाई इनवॉइस सही है तब आप लोन पास कर देना। तो एचपीएस ने बोला कि ठीक है डन है। तो एचपीएस ने कैरियोक्स का ऑडिट करवाया और यूजुअली इतनी बड़ी कंपनीज़ ऑडिट खुद नहीं करती। वो इस काम को आउटसोर्स करती है। तो एचपीएस ने भी यह काम Deloitte को आउटसोर्स किया।

Audit Failure by Deloitte & CBG – बड़े नाम, बड़ी गलती

अब यहां पर कहानी और भी इंटरेस्टिंग होती है क्योंकि डेलॉइड ने सारी इनवॉइसेस चेक करके एचपीएस को यह बताया कि भाई सारी इनवॉइसेस सही है। कुछ भी गड़बड़ नहीं है। आप लोन दे सकते हो। जिसके चलते एचपीएस ने इन्हें $385 मिलियन का लोन पास किया और फिर अगस्त 2024 में यानी पिछले साल में अगेन $55 मिलियन का लोन पास किया। तो जिसके चलते टोटल अमाउंट पहुंच गया 430 मिलियन तक। अब यह जो छोटा वाला लोन बाद में पास हुआ उसके लिए ऑडिटर Deloitte नहीं था। CBG नाम का एक बड़ा ऑडिटर था जो कि यूएस का एक अगेन एक बहुत बड़ा ऑडिटर है। अब इंटरेस्टिंगली इन दोनों ऑडिटर्स को मतलब Deloitte तो आप देखो दुनिया में तो है ही। इंडिया में भी टॉप फोर बिग फोर में आता है। इन दोनों को कैरियोक्स के फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स में और उसके इनवॉइसेस में कोई गड़बड़ नजर नहीं आई। तो जनरली ऑडिट कंपनी स्कैम पकड़ती है। लेकिन सवाल यह आता है कि जब उन्होंने ये स्कैम नहीं पकड़ा तो फिर किसने पकड़ा? तो ये स्कैम पकड़ा एचपीएस के एक एंप्लई ने।

Fake Email Domains Exposed – नकली ईमेल से खुली पोल

एक दिन रैंडमली कैरियोक्स के डॉक्यूमेंट्स चेक कर रहा था। अब उसने नोटिस किया कि जो ईमेल्स एज अ प्रूफ कैरियोक्स ने उन्हें प्रोवाइड किए थे उनमें टेलीकॉम कंपनीज़ के डोमेन फेक थे। यानी कि प्रूफ के तौर पर कैरियोक्स ने जो टेलीकॉम कंपनीज़ को उन्होंने लोन दिया है उनके बीच जो ईमेल एक्सचेंज हुआ था उसके भी डॉक्यूमेंट्स प्रोवाइड किए थे। तो इस एंप्लई ने देखा कि जिस ईमेल आईडी से लोन आए थे वो ईमेल आईडी ही मतलब फेक डोमेन वाली थी। जैसे कि Airtel का डोमेन होता है Airtel.in लेकिन डॉक्यूमेंट्स में फॉर एग्जांपल लिखा है Airtel.in मतलब असली वाला। यानी कि जो डोमेन नेम थे वो एक्चुअल में फेक थे लेकिन दिख असली रहे थे।

Caryox Office Found Empty – ऑफिस बंद, गाड़ियां खड़ी

अब ये एंप्लई दौड़ते-दौड़ते चला गया। टॉप मैनेजमेंट को बता दिया कि भाई यहां तो यह गड़बड़ हो गई है। टॉप मैनेजमेंट ने बोला क्या बात कर रहे हो? चलो उनके ऑफिस चलते हैं। उनके ऑफिस गए तो भाई ऑफिस बंद। आजूबाजू वाले लोगों से पूछा तो बोले महीनों से ऑफिस बंद है। फिर ब्राह भट्ट के घर पे ये चले गए। वहां पर ताला लगा था। कुछ बड़ी-बड़ी गाड़ियां वहां पर थी जैसे कि BMW, Power, Tesla, Audi वगैरह तो और फ्रंट डोर पे एक पैकेज पड़ा था जिस पर धूल जमी थी जिससे यह पता चला कि यार यह घर तो लंबे टाइम से बंद पड़ा हुआ है। अब इनके पास आखिरी ऑप्शन क्या था कि ब्राह भट्ट की कंपनी ने बताया था कि मैंने अलग-अलग कंपनीज़ को टेलीकॉम कंपनीज़ को लोन दिया है। तो चलो उन टेलीकॉम कंपनीज़ को कॉल करके पूछते हैं कि भाई ब्राह भट्ट की कंपनी ने सही में लोन दिया कि नहीं दिया। अब जब इन्होंने कॉल किया तो भाई इनके होश उड़ गए।

Telecom Companies Deny Links – कंपनियों ने कहा: हम नहीं जानते

सामने वाली कंपनी ने बताया कि कौन बंदा है यह और कौन कंपनी? हम तो जानते भी नहीं है और उस मोमेंट यह क्लियर हो गया कि 4500 करोड़ का स्कैम Black Rock की सब्सिडरी के साथ हुआ है। अब एचपीएस के जो लॉयर हैं उनका यह कहना है कि ब्राह भट्ट ने जो लोन का पैसा था वो इंडिया और मॉरीशस में शेल कंपनीज़ को कई सारी फेक कंपनीज़ बनाते लोग उन कंपनीज़ को ट्रांसफर कर दिया है और फेक इनवॉइसेस क्रिएट करके अपनी कंपनी कैरी ऑक्सक्स की बैलेंस शीट बढ़ा चढ़ा कर दिखा दी और उनसे फ्रॉड करके फिर लोन हासिल कर लिया और एचपीएस का कहना यह भी है कि फिलहाल ब्राह्ट इंडिया में ही है। अब इसमें इंटरेस्टिंग कैच यह है कि यह जो लोन था यह एचपीएस ने खुद के पैसों से नहीं दिया। आधा पैसा उन्होंने यूरोप की एक बहुत बड़ी बैंक BNP परिबास से लिया था। अब रिसेंटली BNP परिबास ने $220 मिलियन का प्रोविजन दिखाया है कि यार यह पैसा हमारा डूब गया और कहा जा रहा है कि यह प्रोविजन एचपीएस के लिए ही है। तो यानी कि यहां पर एक कंपनी को नुकसान नहीं हुआ। दो-दो कंपनी को नुकसान हुआ है। अब देखिए इसका इंपैक्ट क्या होता है? मैं आपको यह भी बता देता हूं।

BlackRock vs BNP – किसे कितना नुकसान?

जब इस तरह का स्कैम कोई इंडियन ओरिजिन पर्सन करता है ना तो पूरी दुनिया में हमारी छवि खराब हो जाती है और यह ऐसी पहली केस नहीं है। पहले भी हम बहुत सारे कांड कर चुके हैं। अब हालांकि अमाउंट बड़ी जरूर है लेकिन Black Rock के हिसाब से यह चिल्लर है। अब एचपीएस का खुद का 179 ट्रिलियन का एसेट अंडर मैनेजमेंट है। Black Rock तो 11 ट्रिलियन मैनेज करती है जो हमारी इंडियन इकॉनमी से लगभग तीन गुना ज्यादा है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यार Black Rockके साथ जो हुआ वह सही हुआ क्योंकि Black Rockकी थोड़ी डार्क इमेज भी है फाइनेंस इंडस्ट्री में। लेकिन आपको बता दूं कि इसमें से Black Rock को नुकसान नहीं हुआ। इसमें BNP PARIBAS को भी हुआ है और हमारा नाम सिर्फ अमेरिका में नहीं खराब हो रहा है। अब यूरोप में भी खराब हो रहा है क्योंकि वहां के बैंक को भी बड़ा नुकसान हुआ है। तो इस तरह की जब चीजें होती है तो ऑफ कोर्स इंडिया की इमेज तो डैमेज होती है और लगातार होती आ रही है।

A Wake-Up Call for India – अब समय है सख्त एक्शन का

तो मुझे लगता है कि इंडियन गवर्नमेंट को भी तुरंत इसमें इंटरवेंशन लेके जो भी नेसेसरी एक्शन है वो लेनी पड़ेगी ताकि थोड़ी बहुत अगर हम इमेज सुधार पाए इंप्रूव कर सकें तो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×