Ajit Pawar News: साये की तरह साथ निभाया—अजित दादा के अंगरक्षक विदीप जाधव का निधन

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Ajit Pawar Bodyguard Life Story

DCM Ajit Pawar's Bodyguard Life Story and Bonding

बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जैसे एक जुझारू नेता को तो हमने खोया ही, लेकिन इस हादसे में एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी की भी जीवन ज्योति बुझ गई। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निजी सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव की भी इस दुर्घटना में दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है।

विदीप जाधव मुंबई पुलिस बल के 2009 बैच के कर्मचारी थे। पिछले कुछ समय से वे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सुरक्षा दल में तैनात थे। विदीप के निधन की खबर मिलते ही उनके परिजन बारामती की ओर रवाना हो गए। वे ठाणे के कळवा-विटावा इलाके के कृष्णा विहार में रहते थे। कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के विदीप जाधव के निधन पर उनके पड़ोसियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अंगरक्षक विदीप जाधव का दुर्भाग्यपूर्ण निधन हुआ है। लगभग 27 वर्षों से हम यहां एक परिवार की तरह साथ रहते आ रहे हैं। दादा का स्वभाव बहुत ही प्रेमळ (स्नेही) था। उन्होंने कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि वे अजित दादा पवार के अंगरक्षक हैं। वे सभी से बहुत प्रेम से पेश आते थे। उनका काम उनका काम था, लेकिन स्वभाव से वे बहुत सरल इंसान थे। आज सुबह करीब 6:30 बजे हमने उन्हें यहां से ड्यूटी पर जाते हुए देखा था और मात्र दो-तीन घंटे में यह खबर आई कि दादा अब नहीं रहे। यह हमारे लिए, हमारे पूरे परिवार के लिए और हमारी सोसायटी के लिए बेहद दुखद घटना है। हम सभी गहरे शोक में हैं।

हम 22 वर्षों से यहां एक साथ रह रहे थे। उनका स्वभाव बहुत अच्छा था, किसी से कभी झगड़ा नहीं, हमेशा शांत और मिलनसार। 22 साल तक किसी व्यक्ति के साथ रहना और फिर उसका अचानक इस तरह चले जाना—ऐसा किसी के साथ न हो। लेकिन जब ईश्वर की इच्छा होती है तो किसी के हाथ में कुछ नहीं होता। जाधव पिछले 27 वर्षों से यहां रह रहे थे। वे बेहद मिलनसार थे और सभी के साथ घुल-मिलकर रहते थे।

सोसायटी के सभी नागरिक हों या आसपास के इलाके के बच्चे—वे सभी के साथ हंसते-खेलते रहते थे। आज सुबह जब मैंने मीडिया के माध्यम से यह खबर देखी कि राज्य के आदरणीय उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है और उसमें विदीप जाधव तथा अजित दादा का निधन हो गया है, तो हम सूर्यनगर और विटावा वासियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की जानकारी मिलने के बाद उनकी मां घर पर ही थीं। आसपास की महिलाएं, भाई-बंधु सभी उन्हें सांत्वना देने के लिए पहुंचे। अब सभी परिजन बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। लेकिन विटावा, सूर्यनगर और श्रीकृष्ण विहार की सोसायटी के सभी निवासी उनके साथ खड़े हैं। हम सभी की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

यह क्षति केवल विटावा गांव के लिए ही नहीं बल्कि पूरे परिसर के लिए है। उनके जाने से एक निष्ठावान जवान, एक कर्तव्यदक्ष योद्धा और एक उत्तम इंसान हमसे बिछड़ गया है—ऐसी प्रतिक्रिया उनके पड़ोसियों ने व्यक्त की है।

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